देहरादून । एलटी से प्रवक्ता पदों पर प्रमोशन को लेकर जो तकनीकी पेच शिक्षा विभाग में फंसा हुआ था, उसको लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा निर्णय दिया है। दरअसल वरिष्ठता को लेकर जो विवाद प्रमोशन में अड़चन बना हुआ था, उसी अड़चन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है, दरअसल प्रेमलता बौड़ाई की याचिका संख्या 362 को हाईकोर्ट ने डिस्पोज कर दिया है और 21 अप्रैल 2022 के ट्रिब्यूनल के निर्णय को हाई कोर्ट के द्वारा सही ठहराया गया है।
यानी 21 नवंबर 1995 के शासनादेश के आधार पर 1 अक्टूबर 1990 से वरिष्ठ दी जाएगी कोर्ट ने कहा है क्योंकि सरकार द्वारा दिनांक 26 नवंबर 2025 एवं 27 नवंबर 2025 के अपने आदेशों द्वारा 1 अक्टूबर 1990 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों की व्यवस्था का निर्धारण उनकी नियति कारण की तिथि 1 अक्टूबर 1990 से कर दी गई है इसलिए इस याचिका को डिस्पोज किया जा रहा है। सूत्रों की माने 21 अप्रैल को प्रमोशन को लेकर जो हिस्ट्री लगा हुआ था वह तकनीकी रूप से हाई कोर्ट के आदेश के बाद जाएगा और शिक्षा विभाग में एचटीसी प्रवक्ता पदों पर प्रमोशन की खुल जाएगी। बीरेन्द्र दत्त बिजल्वाण मुख्य संयोजक राजकीय विनिनमियतीकृत माध्यमिक शिक्षक समिति उत्तराखंड का कहना है कि उनकी सालों तक लड़ी लड़ाई का आज परिणाम आ गया है, राजेंद्र प्रसाद कुलाश्री, त्रिविक्रम सिंह कुंवर आदि ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर जो संघर्ष किया उसका फायदा शिक्षकों को मिलेगा।

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