शिक्षकों की संख्या बढ़ी, महिला शिक्षकों की हिस्सेदारी 54.9% पहुंची
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025-26 में देशभर में शिक्षकों की कुल संख्या बढ़कर 1,02,73,020 हो गई है। यह आंकड़ा 2022-23 की तुलना में 8.3 प्रतिशत अधिक है। वहीं, महिला शिक्षकों की भागीदारी भी लगातार बढ़ी है और अब वे कुल शिक्षकों का 54.9 प्रतिशत हिस्सा हैं। मंत्रालय का मानना है कि इससे स्कूलों में अधिक समावेशी और संवेदनशील शिक्षण वातावरण तैयार होगा।
| वर्ष | कुल शिक्षकों की संख्या |
|---|---|
| 2022-23 | 94,83,294 |
| 2023-24 | 98,07,600 |
| 2024-25 | 1,01,22,420 |
| 2025-26 | 1,02,73,020 |
छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार, NEP मानकों से बेहतर प्रदर्शन
रिपोर्ट में बताया गया है कि देश का प्यूपिल-टीचर रेशियो (PTR) राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्धारित 30:1 अनुपात से बेहतर स्थिति में पहुंच गया है। विभिन्न स्तरों पर PTR इस प्रकार दर्ज किया गया है:
| शिक्षा स्तर | छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) |
|---|---|
| फाउंडेशनल | 10:1 |
| प्रिपरेटरी | 12:1 |
| मिडिल | 17:1 |
| सेकेंडरी | 21:1 |
ड्रॉपआउट घटा, सेकेंडरी स्तर पर नामांकन बढ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर छात्रों के स्कूल छोड़ने की दर में भी गिरावट आई है। यह दर पिछले वर्ष के 8.2 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत रह गई है।
इसी अवधि में सेकेंडरी स्तर का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) भी 68.5 प्रतिशत से बढ़कर 71.7 प्रतिशत हो गया है। वहीं, सेकेंडरी स्तर पर छात्रों का रिटेंशन रेट भी 47.2 प्रतिशत से बढ़कर 51.9 प्रतिशत दर्ज किया गया है। मंत्रालय ने इसका प्रमुख कारण माध्यमिक स्तर के स्कूलों की संख्या और उनकी उपलब्धता में वृद्धि को बताया है।
स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट की पहुंच बढ़ी
डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार-
- 69.9 प्रतिशत स्कूलों में अब कंप्यूटर उपलब्ध हैं, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा 64.7 प्रतिशत था।
- 67.4 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो चुकी है।
यह बढ़ोतरी डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बुनियादी सुविधाओं में भी हुआ विस्तार
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी लगभग सार्वभौमिक स्तर तक पहुंच गई है।
- 99.5 प्रतिशत स्कूलों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था है।
- 98.5 प्रतिशत स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय उपलब्ध हैं।
- 58.2 प्रतिशत स्कूलों में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रैंप और हैंडरेल की व्यवस्था की गई है।
सिंगल टीचर स्कूलों और जीरो एनरोलमेंट स्कूलों की संख्या घटी
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यूडीआईएसई+ डाटा का उपयोग कर शिक्षकों की तैनाती को अधिक प्रभावी बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप, सिर्फ एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।इसके अलावा, जीरो एनरोलमेंट (जहां कोई छात्र नामांकित नहीं था) वाले स्कूलों की संख्या में लगभग 29 प्रतिशत की कमी आई है। मंत्रालय का कहना है कि इससे शिक्षा संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्कूल प्रबंधन की दक्षता में सुधार हुआ है।शैक्षिक संकेतक 2022-23 2023-24 2024-25 2025-26 एकल शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या 1,18,190 1,10,971 1,04,125 1,00,843 शून्य नामांकन (जीरो एनरोलमेंट) वाले स्कूलों की संख्या 10,294 12,954 7,993 5,663

No comments:
Post a Comment