ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के मंत्रिमंडल सचिव को लिखे पत्र में केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं श्रमिक संघ (Confederation of Central Government Employees & Workers- CCGEW) ने कहा है कि संगठन 16 अप्रैल 2026 को सभी कार्यस्थलों पर दोपहर के भोजन के समय विरोध प्रदर्शन करेंगे। पत्र में लिखा है कि कर्मचारियों द्वारा ऐसा करने की एकमात्र मांग यह है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 1 जनवरी 2026 से देय महंगाई भत्ता की किस्त की तत्काल घोषणा की जाए।
अगर DA बढ़ोतरी की बात करें, तो विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार 2% से 3% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। फिलहाल DA 58% पर है, जो 2% बढ़ने पर 60% और 3% बढ़ने पर 61% तक पहुंच सकता है। सुनने में यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन सैलरी पर इसका असर काफी बड़ा होता है।
उदाहरण के तौर पर DA में 2-3% बढ़ोतरी होने पर 25,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को करीब 500 से 750 रुपये तक हर महीने का फायदा हो सकता है, जबकि 1 लाख रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को 2,000 से 3,000 रुपये तक की बढ़ोतरी मिल सकती है। यही वजह है कि कर्मचारी इस देरी से खासे परेशान हैं। आइए नीचे चार्ट में जानते हैं कि 2 से 3 फीसद की डीए बढ़ोतरी पर कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
सरकार की ओर से देरी का कारण प्रशासनिक प्रक्रिया और अप्रूवल बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार 8वें वेतन आयोग की तैयारियों के चलते भी कुछ देरी हो रही है, क्योंकि सरकार पूरी सैलरी स्ट्रक्चर को संतुलित करने पर काम कर रही है। हालांकि, यह भी साफ है कि DA बढ़ोतरी रोकी नहीं गई है, सिर्फ घोषणा में देरी हुई है और कर्मचारियों को एरियर (बकाया) भी मिलेगा।


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