उत्तराखण्ड के स्कूलों में अब दिखेगा Innovation का नया दौर, शुरू हुआ Teacher–Student Innovation Hackathon 3.0

उत्तराखण्ड के स्कूलों में अब दिखेगा Innovation का नया दौर, शुरू हुआ Teacher–Student Innovation Hackathon 3.0

एक समस्या पहचानिए — एक विचार सोचिए — एक समाधान बनाइए।




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AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और समस्या-समाधान से जुड़ेगा स्कूली शिक्षा का भविष्य; कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी और कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षक ले सकेंगे हिस्सा

देहरादून। उत्तराखण्ड के विद्यालयों में अब केवल किताबों और पारंपरिक शिक्षण तक सीमित रहने के बजाय नवाचार (Innovation), Artificial Intelligence (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, Coding, Robotics, समस्या-समाधान और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विद्यालयी शिक्षा विभाग और SCERT Uttarakhand की ओर से State-Level Teacher–Student Innovation Hackathon 3.0 – “Innovate Uttarakhand” का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है।

इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने आसपास मौजूद वास्तविक समस्याओं को पहचानने, उनके अभिनव समाधान खोजने और आधुनिक तकनीक की मदद से उन समाधानों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित करना है। खास बात यह है कि Hackathon में केवल तैयार प्रोजेक्ट दिखाने पर जोर नहीं होगा, बल्कि “समस्या पहचानो और उसका समाधान विकसित करो” की सोच को केंद्र में रखा गया है।

राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक में हुआ शुभारंभ

सचिव, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड ज्योति यादव, IAS ने दक्षता आधारित आकलन यानी Competency-Based Assessment की तैयारियों को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक के दौरान Hackathon 3.0 का औपचारिक शुभारंभ किया। इस ऑनलाइन बैठक में प्रदेश के मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO), खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO), DIET के प्राचार्य तथा अन्य शिक्षा अधिकारी जुड़े हुए थे। कार्यक्रम में निदेशक अकादमिक, SCERT उत्तराखण्ड वंदना गरब्याल, अपर निदेशक SCERT पदमेन्द्र सकलानी, उप निदेशक विनोद मठूड़ा, सहायक निदेशक डॉ. के. एन. बिजल्वाण सहित SCERT के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया में विद्यार्थियों को केवल जानकारी प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि नई चीजें बनाने और समस्याओं के समाधान खोजने वाला विद्यार्थी बनाना जरूरी है।


क्या है Hackathon 3.0?

Teacher–Student Innovation Hackathon 3.0 उत्तराखण्ड का एक राज्य स्तरीय innovation programme है, जिसमें विद्यार्थी और शिक्षक अपने आसपास दिखाई देने वाली वास्तविक समस्याओं को पहचानेंगे और उनके लिए अभिनव, व्यावहारिक तथा तकनीक आधारित समाधान विकसित करेंगे।

इसकी पूरी innovation journey को एक सरल प्रक्रिया के रूप में समझा जा सकता है—

Problem → Idea → Guidance → Prototype → Presentation → Innovation

यानी शुरुआत किसी वास्तविक समस्या से होगी। इसके बाद प्रतिभागी उसके समाधान का विचार तैयार करेंगे। Mentors और Experts से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे और फिर अपने विचार को Prototype, Model, Application, Device अथवा Digital Solution में बदलने का प्रयास करेंगे।

चयनित श्रेष्ठ innovations को State-Level Finale में अपना समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। promising innovations को आगे development, collaboration और incubation से जोड़ने की संभावनाएं भी तलाश की जाएंगी।


कौन-कौन कर सकता है प्रतिभाग?

Hackathon 3.0 को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें कक्षा VI से XII तक के विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं।

प्रतिभागिता केवल राजकीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रखी गई है। PM SHRI Schools, Atal Utkrisht Schools, Ashram Schools, Jawahar Navodaya Vidyalayas (JNV), Kendriya Vidyalayas (KV), recognised private schools, NGO-supported तथा अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थी भी इसमें प्रतिभाग कर सकते हैं।

वहीं शिक्षक वर्ग में कक्षा I से XII तक के शिक्षक इस innovation programme का हिस्सा बन सकते हैं।

इसके अतिरिक्त DIET, SCERT, SIEMAT, National एवं State Awardee Teachers तथा आमंत्रित Experts और Mentors को भी innovation ecosystem से जोड़ा जाएगा।

इससे विद्यार्थियों को केवल अपने विद्यालय के शिक्षकों से ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से भी सीखने और अपने विचार को बेहतर बनाने का अवसर मिल सकेगा।


किताब से बाहर निकलकर वास्तविक समस्याओं पर होगा काम

Hackathon 3.0 की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि विद्यार्थियों को केवल किसी पूर्व निर्धारित विषय पर project तैयार करने के लिए नहीं कहा जाएगा।

इसके बजाय उन्हें अपने आसपास की समस्याओं को देखने और समझने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उत्तराखण्ड जैसे भौगोलिक रूप से विविध राज्य में विद्यार्थियों के सामने समस्याओं की कोई कमी नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, बाढ़, जंगल की आग, पेयजल, सड़क एवं परिवहन, कृषि और स्वास्थ्य जैसी चुनौतियां हैं, तो मैदानी क्षेत्रों में जल संरक्षण, प्रदूषण, अपशिष्ट प्रबंधन, यातायात, शिक्षा और शहरी समस्याओं से जुड़े विषय सामने आते हैं।

विद्यार्थी इन समस्याओं को समझकर ऐसे समाधान विकसित कर सकते हैं जो उनके स्थानीय समुदाय के लिए उपयोगी हों।

यही Hackathon की मूल भावना है—स्थानीय समस्या, स्थानीय विचार और तकनीक आधारित समाधान।


Innovation के लिए ये होंगे प्रमुख क्षेत्र

Hackathon 3.0 के अंतर्गत innovation के लिए अनेक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—  Education, Artificial Intelligence (AI), Agriculture, Tourism, Disaster Management, Health ,Invironment, Governance, Robotics & IoT, Coding & Digital Innovation, STEM, Inclusive Education.

शामिल हैं।

हालांकि innovation को इन विषयों तक सीमित नहीं रखा गया है। यदि कोई प्रतिभागी किसी अन्य वास्तविक समस्या का अभिनव और उपयोगी समाधान प्रस्तुत करता है, तो वह भी Hackathon का हिस्सा बन सकता है।


Idea से Prototype तक मिलेगा Expert Guidance

Hackathon 3.0 को सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि Learning and Innovation Journey के रूप में विकसित किया गया है।

प्रतिभागियों की यात्रा कई चरणों से होकर आगे बढ़ेगी—

Registration → Idea Submission → Screening → Mentorship → Bootcamp → Prototype Development → State-Level Finale → Incubation & Further Support

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शुरुआती idea का पूरी तरह विकसित होना आवश्यक नहीं है।

यदि किसी विद्यार्थी के पास किसी समस्या का समाधान करने का एक अच्छा विचार है, लेकिन उसे यह पता नहीं कि उस विचार को तकनीकी रूप से कैसे विकसित किया जाए, तो उसे mentors और experts से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

यानी एक सामान्य-सा विचार भी उचित guidance के बाद एक उपयोगी prototype का रूप ले सकता है।


Prototype कैसा हो सकता है?

Hackathon में तैयार किया जाने वाला prototype कई रूपों में हो सकता है। उदाहरण के लिए—

Working Model, Mobile Application, Website, AI-enabled Solution, Robotic Device, IoT System, Software, Digital Platform या कोई अन्य practical solution।

इसका अर्थ यह है कि विद्यार्थियों को केवल चार्ट या मॉडल बनाने तक सीमित नहीं किया जाएगा। उन्हें आवश्यकता के अनुसार technology का वास्तविक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।


AI और Emerging Technology पर विशेष फोकस

आज Artificial Intelligence दुनिया के लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में विद्यार्थियों और शिक्षकों को AI तथा emerging technologies से परिचित कराना Hackathon 3.0 का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को उपयुक्त परिस्थितियों में Artificial Intelligence, Generative AI, Coding, App Development, Web Development, Robotics, IoT, STEM, No-Code/Low-Code Tools और Data Analytics जैसी तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल technology users बनाना नहीं, बल्कि Technology Creators और Innovators के रूप में विकसित करना है।

इसके माध्यम से विद्यार्थियों में—

Critical Thinking, Computational Thinking, Creativity, Collaboration, Communication और Problem-Solving Skills

को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।


केवल तकनीक नहीं, समाधान की उपयोगिता भी होगी महत्वपूर्ण

Hackathon में किसी innovation की सफलता केवल इस बात से तय नहीं होगी कि उसमें कितनी आधुनिक technology इस्तेमाल की गई है।

मूल्यांकन में यह भी देखा जाएगा कि innovation वास्तव में किस समस्या को हल करता है और उसका समाज पर कितना प्रभाव पड़ सकता है।

प्रमुख मूल्यांकन मानकों में—

Innovation, Real-World Impact, Feasibility, Meaningful Use of AI & Technology, Prototype Development, Presentation तथा Scalability

जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा।

अर्थात एक सरल लेकिन प्रभावी समाधान कई बार अत्यधिक जटिल technology वाले project से अधिक उपयोगी साबित हो सकता है।


लगभग 50 उत्कृष्ट Innovations को मिलेगा सम्मान

Hackathon 3.0 के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में लगभग 50 उत्कृष्ट innovations को सम्मानित किए जाने का प्रावधान है।

कार्यक्रम की आधिकारिक guidelines एवं संबंधित award category के अनुसार चयनित विजेताओं को AI-enabled Laptops/Tablets, Robotics Kits, IoT Kits, 3D Printing Support, Software Licences, Innovation Grants तथा आगे development और incubation के अवसर जैसे सहयोग प्रदान किए जा सकते हैं।

इससे विद्यार्थियों को केवल पुरस्कार प्राप्त करने तक सीमित लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उनके अच्छे ideas को आगे विकसित करने की दिशा में भी अवसर मिल सकता है।


विद्यालय बनेंगे Innovation की नई प्रयोगशाला

Hackathon 3.0 का सबसे बड़ा उद्देश्य केवल कुछ विजेताओं का चयन करना नहीं है। इसके पीछे एक व्यापक सोच है—प्रदेश के विद्यालयों में स्थायी Innovation Culture विकसित करना।

इसका मतलब है कि विद्यालय केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों को प्रयोग करने, प्रश्न पूछने, नए विचार सोचने और असफल होने के बाद दोबारा प्रयास करने का अवसर भी दें।

एक शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला न होकर Innovation Mentor बने और विद्यार्थी केवल किताब में समस्या का उत्तर खोजने के बजाय अपने आसपास की वास्तविक समस्या का समाधान खोजने का प्रयास करे।

यदि यह सोच विद्यालयों में विकसित होती है तो आने वाले समय में उत्तराखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों से भी ऐसे innovation सामने आ सकते हैं जो पूरे राज्य के लिए उपयोगी साबित हों।


एक समस्या पहचानिए, एक विचार सोचिए, एक समाधान बनाइए

Hackathon 3.0 का मूल संदेश बेहद स्पष्ट है—

Learn. Create. Innovate. Solve.

किसी समस्या का समाधान खोजने के लिए वैज्ञानिक, इंजीनियर या entrepreneur बनने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। एक विद्यार्थी भी अपने आसपास की किसी समस्या को पहचानकर उसके समाधान की शुरुआत कर सकता है।

उत्तराखण्ड के किसी छोटे से ग्रामीण विद्यालय, सीमांत क्षेत्र या दूरस्थ पहाड़ी गांव में पढ़ने वाले विद्यार्थी के मन में आया एक छोटा-सा विचार भविष्य में किसी विद्यालय, गांव, समुदाय या पूरे राज्य की बड़ी समस्या का समाधान बन सकता है।

यही इस Hackathon की सबसे बड़ी ताकत है।

अब जरूरत है कि विद्यार्थी समस्या को पहचानें, सवाल पूछें, विचार करें, तकनीक का समझदारी से उपयोग करें, prototype बनाएं और अपने innovation को दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।

क्योंकि बड़ा बदलाव हमेशा बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि एक अच्छे विचार से शुरू होता है।

Innovate Uttarakhand – सोचिए, बनाइए और बदलाव लाइए।

Hackathon 3.0 – Innovate Uttarakhand इसी सोच को अवसर, मार्गदर्शन और मंच प्रदान करने की दिशा में SCERT Uttarakhand की एक महत्वपूर्ण पहल है।

Hackathon 3.0 के लिए आवेदन


Hackathon 3.0 के लिए आवेदन कैसे आवेदन करना है देखिये वीडियो

विद्यार्थी एवं शिक्षक Innovate Uttarakhand Portal के माध्यम से अपना registration एवं innovation idea प्रस्तुत कर सकते हैं।

Apply Now:

Source - SCERT D.DUN

R P Badoni, IT Dept,


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