चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भारी भूस्खलन होने से कई श्रमिक चपेट में आ गए। इस हादसे में वहां काम कर रहे नौ श्रमिकों की मौत हो गई।
वहीं, छह अन्य श्रमिकों की तलाश के लिए ऑपरेशन जारी है। 10 घायल श्रमिकों का जिला अस्पताल गोपेश्वर, एक श्रीनगर और एक पीपल कोटी में इलाज चल रहा है। एक घायल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा ने कहा लगातार ऑपरेशन जारी रहेगा। वहीं, दलदल और पानी होने से ऑपरेशन रात्रि के लिए स्थगित किया था। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण राहत-बचाव अभियान रोक दिया गया था। शुक्रवार की सुबह दोबारा ऑपरेशन शुरू किया जाएग।
टीएचडीसी-एनटीपीसी की ओर बनाई जा रही 444 मेगावाट की इस परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बताया गया कि परियोजना की इस 3.5 किमी लंबी सुरंग में 1.8 किमी भीतर यह हादसा हुआ। तब सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का कार्य चल रहा है।
बताया गया कि इस दौरान अंदर जोरदार धमाका हुआ और पानी के साथ भारी मलबा सुरंग में भरने लगा। इससे वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई और सुंरग के अंदर से चीख-पुकार गूंजने लगी।
प्रत्यक्षदर्शी निस्तरा भिंगरा निवासी, झारखंड ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान बताया कि टनल में 1.8 किमी में ग्रेविटी प्वांइट में टनल को पैकिंग करने का कार्य चल रहा था, यहां पर सेटरिंग की गई थी।
उन्होंने बताया कि अचानक तेज आवाज का धमाका हुआ और फिर भारी मात्रा में टनल के ऊपरी भाग से पानी के साथ मलबा आया। इससे पहले कि कोई संभल पाता सब इधर-उधर छिटक गए। वह पानी और मलबे में बहते हुए टनल के बाहरी ओर आ रहे थे, लेकिन इसी दौरान मलबे में भी धंस रहे थे।


No comments:
Post a Comment