Sunday, 23 August 2026

प्रोफेसर ही निकला पेपर लीक का मास्टरमाइंड: सील को तोड़े बिना एंडोस्कोपी कैमरे से चुराया पेपर, छात्रों को बेचा

 


इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर के कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) विषय का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में पुलिस ने एक प्रोफेसर सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपित अभी फरार हैं।

सभी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपित भारती एग्रीकल्चर कालेज, दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने लिफाफे की सील खोले बिना एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया फिर उसे नोट करके छात्रों तक पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार प्रश्नपत्र 11 हजार रुपये में बेचा गया

पुलिस के अनुसार प्रश्नपत्र 11 हजार रुपये में बेचा गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मामले में मुख्य आरोपित सहित छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच जारी है और जो भी लोग संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रोफेसर ने केवल 20 अगस्त को होने वाला एंटोमोलॉजी का प्रश्नपत्र ही लीक नहीं किया था, बल्कि इससे पहले आठ अगस्त को होने वाला पैथोलॉजी का प्रश्नपत्र भी अपने खास छात्रों को उपलब्ध कराया था। हालांकि, उस समय प्रश्नपत्र सार्वजनिक नहीं हुआ था।

प्रश्नपत्र घर ले जाकर बनाया वीडियो

पुलिस के अनुसार योगेश वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर है। 17 अगस्त को वह जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय से आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेकर घर गया।

पुलिस का दावा है कि उसने लिफाफे की सील से छेड़छाड़ किए बिना उसमें सूक्ष्म छेद कर एंडोस्कोपिक कैमरा अंदर डाला और प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद वीडियो देखकर हाथ से प्रश्नपत्र लिखकर छात्रों तक पहुंचाया। एक छात्र अजय ने प्रश्नपत्र की सामग्री कई छात्रों तक पहुंचाई।

परीक्षा से दो घंटे पहले मिली थी सूचना

20 अगस्त को सुबह एजीसीएच-221 की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली। उसके बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।

छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने वाट्सएप पर प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्न प्रसारित होने की सूचना दी। पुष्टि के बाद वरिष्ठ विज्ञानी एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. एनआर रंगारे की शिकायत पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

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