Monday, 15 June 2026

NCERT: मोहन जोदड़ो की डांसिंग गर्ल को लेकर क्यों हो रहा विवाद? मामले पर एनसीईआरटी निदेशक की आई प्रतिक्रिया

 


NCERT Dancing Girl: सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध पुरातात्विक कलाकृतियों में से एक मानी जाने वाली मोहनजोदड़ो की कांस्य प्रतिमा ‘डांसिंग गर्ल’ को लेकर विवाद सामने आया है। विवाद की वजह एनसीईआरटी की नई कक्षा 9 कला शिक्षा की पाठ्यपुस्तक ‘मधुरिमा’ में प्रकाशित उसकी तस्वीर है।

दरअसल, पुस्तक के पहले अध्याय ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ में डांसिंग गर्ल की जो तस्वीर दी गई है, उसमें प्रतिमा के ऊपरी हिस्से को इस तरह प्रदर्शित किया गया है कि मूल मूर्ति में दिखाई देने वाले शारीरिक विवरण स्पष्ट नहीं दिखते। तस्वीर में शेडिंग का इस्तेमाल किया गया है, जिससे प्रतिमा का नग्न धड़ ढका हुआ नजर आता है।

कक्षा 6 की किताब में अलग है तस्वीर

दिलचस्प बात यह है कि एनसीईआरटी की कक्षा 6 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में यही डांसिंग गर्ल प्रतिमा अपने मूल स्वरूप के अधिक करीब दिखाई गई है। इसी अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि एक ही ऐतिहासिक कलाकृति को दो अलग-अलग पुस्तकों में अलग तरह से क्यों प्रस्तुत किया गया।

क्या बोले मिशेल डैनिनो?

एनसीईआरटी की नई कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पुस्तकों की पाठ्यपुस्तक विकास समिति के प्रमुख रहे मिशेल डैनिनो ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पहले बताया गया था कि डांसिंग गर्ल की तस्वीर को "आयु के अनुकूल नहीं" माना गया था।

पीटीआई से बातचीत में डैनिनो ने कहा कि उनकी टीम इस तर्क से सहमत नहीं थी। उन्होंने बताया कि टीम ने कक्षा 6 के शिक्षकों से भी राय ली थी और शिक्षकों ने कहा था कि डांसिंग गर्ल की प्रतिमा को लेकर कभी कोई समस्या नहीं रही।

डैनिनो के अनुसार, नग्नता को अनुपयुक्त मानना एक पुरानी विक्टोरियन सोच है। उन्होंने कहा कि जब भारतीय शिक्षा को उपनिवेशवादी प्रभावों से मुक्त करने की बात की जाती है, तब इस तरह का दृष्टिकोण विरोधाभासी लगता है।

No comments:

Post a Comment