Thursday, 9 April 2026

ऋषिकेश में उद्घाटन से पहले ही टूटा बजरंग सेतु का कांच, मचा हड़कंप; आवाजाही ठप

 


ऋषिकेश: लक्ष्मण झूला के पास निर्माणाधीन बजरंग सेतु एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार कारण है पुल के कांच वाले फुटपाथ का दोबारा क्षतिग्रस्त होना। फुटपाथ पर लगे कांच में कई जगह दरारें आ गई हैं, जिसके चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने दोनों ओर से आवाजाही रोक दी है। यह घटना पहली नहीं है, बल्कि इससे पहले भी दो बार इसी तरह कांच टूट चुका है।


बजरंग सेतु पर कांच का बार-बार टूटना अब गंभीर चिंता का विषय बन गया है। पहले भी दो बार फुटपाथ का कांच क्षतिग्रस्त हो चुका है और हर बार निर्माण कंपनी द्वारा इसे बदल दिया गया। लेकिन बार-बार एक ही समस्या सामने आने से अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

69 करोड़ की लागत वाला महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट

इस पुल का निर्माण नरेंद्रनगर लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2022 में शुरू किया गया था। करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल 132.30 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा है। इसके दोनों ओर करीब डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए गए हैं, जिनमें 65 मिमी मोटा पारदर्शी कांच लगाया गया है। यह डिजाइन पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था, लेकिन अब यही कांच चिंता का कारण बनता जा रहा है।

उद्घाटन से पहले ही शुरू हो गई आवाजाही

बजरंग सेतु का अभी तक आधिकारिक उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते यहां पहले से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। स्थानीय लोग और पर्यटक इस कांच के फुटपाथ पर फोटो और सेल्फी लेने पहुंच रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि विभाग की ओर से इस पर रोक लगाने या सुरक्षा के लिए किसी कर्मी की तैनाती नहीं की गई है।
इस पूरे मामले पर अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल का कहना है कि उन्हें अभी इस घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी टूट चूका है कांच

इससे पहले 3 जनवरी 2026 को भी पुल के एक सेल्फी प्वाइंट के पास कांच टूट गया था। उस समय भी कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिससे अब एक बार फिर वही स्थिति बन गई है।

क्यों बंद हुआ था लक्ष्मण झूला पुल

गौरतलब हो कि लक्ष्मण झूला पुल को 16 अप्रैल 2022 को सुरक्षा कारणों से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया था। IIT रुड़की की रिपोर्ट में बताया गया था कि पुल की तारें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और लगातार उपयोग से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल को बंद कर दिया था और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में बजरंग सेतु का निर्माण शुरू किया गया।

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