Friday, 10 April 2026

जनगणना प्रशिक्षण: भोजन की गुणवत्ता पर भड़के शिक्षक, जनगणना प्रशिक्षण के बीच किया जोरदार हंगामा


गुरुकुल नारसन स्थित राजा महेंद्र प्रताप पीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार से चल रहे भवन गणना प्रशिक्षण के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब शिक्षक प्रगणक और सुपरवाइजराें ने खानपान की व्यवस्था के विरोध में मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों ने परोसे गए भोजन को बेहद घटिया बताते हुए खाने से इन्कार कर दिया। अधिकांश शिक्षकों ने बिना खाए ही प्रशिक्षण लेने की बात कही।

शिक्षकों का आरोप है कि सुबह से शाम तक चलने वाली गहन ट्रेनिंग के बावजूद खाना समय पर तैयार नहीं था। भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी के कैंपर खाली मिले जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त हो गया है। अव्यवस्था के विरोध में शिक्षकों की ओर से किए गए प्रदर्शन का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों का आरोप है कि बृहस्पतिवार को दिया गया नाश्ता और भोजन न केवल बेस्वाद था बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरनाक था।

शिक्षकों ने बताया कि बृहस्पतिवार को जो भोजन परोसा गया था उसे खाने के बाद अधिकांश शिक्षकों का स्वास्थ्य बिगड़ गया और उन्हें पेट संबंधी शिकायतों का सामना करना पड़ा। शिक्षकों ने नायाब तहसीलदार युसूफ अली के सामने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक ओर उनसे महत्वपूर्ण कार्यों का प्रशिक्षण लेने की अपेक्षा की जा रही है। वहीं दूसरी ओर उनकी बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी हो रही है।

शिक्षकों के अनुसार सुबह के नाश्ते को लेकर भी शिक्षकों ने कड़ा एतराज जताया। दोपहर के भोजन के समय सभी प्रशिक्षणार्थियों ने एक सुर में खाने से मना कर दिया। इस हंगामे के कारण काफी देर तक प्रशिक्षण कार्य भी प्रभावित रहा। हालांकि व्यवस्था देख रहे जनगणना इंचार्ज नायब तहसीलदार युसूफ अली ने शिक्षकों की शिकायत सुनी और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

इसके बाद कुछ शिक्षकों ने खाना खाया और कुछ ने खाना खाने से ये कहकर मना कर दिया कि शिक्षकों के सम्मान कर साथ समझौता नहीं करेंगे। विरोध करने वाले शिक्षकों में जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप कुमार, प्रधानाध्यापक ऋषिपाल, मनोज कुमार, योगेंद्र कुमार, विपिन तोमर, कुशलजीत, कमलजीत तोमर, राजकुमार, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।

शिक्षकों के लिए खाने में मटर पनीर, सब्जी, पूरी और सलाद आदि की व्यवस्था की गई थी। शिक्षकों को खाने की गुणवत्ता में शिकायत थी जिस पर उनसे समझा दिया गया कि वे जिस तरह का भी खाना चाहते हैं उनकी देखरेख में वही खाना तैयार कराया जाएगा। इसके बाद शिक्षकों की नाराजगी दूर हो गई थी।
- युसुफ अली, नायब तहसीलदार

1 comment:

  1. Maine virodh nahi kiya ye kuchh logo ki sochi samjhi cal hai jinhe kahi bhi kam hi nahi karna hai

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