Saturday, 3 January 2026

NCERT बन रहा यूनिवर्सिटी, ओपन स्कूल में पढ़ाई के साथ कमाई कर सकेंगे बच्चे.. शिक्षा मंत्रालय की 4 बड़ी तैयारी



शिक्षा मंत्रालय देश में ओपन स्कूलिंग सिस्टम का दायरा बढ़ाने के लिए एक विशेष योजना पर काम कर रहा है। अभी शिक्षा बोर्ड नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) में करीब 6 लाख स्टूडेंट्स ही रजिस्टर्ड हैं। वहीं दूसरी ओर सीबीएसई के स्कूलों में 2.5 करोड़ स्टूडेंट्स हैं। जो छात्र सामाजिक-आर्थिक स्थिति के कारण अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं या फिर फेल होने के कारण पढ़ाई छोड़ रहे हैं, ऐसे छात्रों को एनआईओएस से जोड़ने के लिए योजना बनाई जा रही है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि ओपन स्कूल सिस्टम में इंडस्ट्री का सहयोग भी लिया जाएगा, ताकि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी के लिए भी तैयार किया जा सके। सीबीएसई समेत दूसरे शिक्षा बोर्ड की भी यह जिम्मेदारी है कि पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों को ओपन स्कूल सिस्टम के साथ जोड़ा जाए। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने कहा कि उच्च शिक्षा में छात्रो का नामांकन बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति के अनुरूप नए कोर्सेज लाए गए हैं।

NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को ‘डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय’ का दर्जा दिए जाने का फैसला हो चुका है। स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव संजय कुमार का कहना है कि 'अगले दो हफ्ते में एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यूजीसी कमीशन की बैठक में संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने के फैसले पर मुहर लगेगी। स्कूली शिक्षा और टीचिंग एजुकेशन के क्षेत्र में रिसर्च व इनोवेशन शुरू होंगे।'

खास ऑफ़र्स
उन्होंने बताया कि इसी के साथ एनसीईआरटी एक विशेष प्रकार का विश्वविद्यालय बनेगा। यहां पर स्कूली शिक्षा और शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में ग्लोबल पैरामीटर के हिसाब से कोर्सेज होंगे। एनसीईआरटी हेडक्वार्टर में पीजी व रिसर्च के क्षेत्र में कई तरह के स्पेशल यूनीक कोर्सेज होंगे। इनमें करिकुलम डिजाइनिंग एंड डेवलमेंट, साइकोमेट्रिक असेसमेंट (मनोविज्ञान और शिक्षा) और शिक्षा-विज्ञान जैसे कोर्सेज होंगे। 

टीचिंग एजुकेशन में एआई का प्रयोग
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि टीचिंग एजुकेशन में एआई को एक परमानेंट फीचर के तौर पर शामिल किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुताबिक टीचिंग एजुकेशन में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। अभी नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) टीचिंग एजुकेशन के स्टैंडर्ड पर काम करती है और अब एआई को भी इसमें कंपलसरी तौर पर शामिल किया जाएगा। टीचिंग एजुकेशन में नए स्टैंडर्ड बनाए जाएंगे।

पीएम श्री स्कूलों की तरह बनेंगे
1.27 लाख स्कूल'प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया' (PM Shri Schools) योजना में देश में 13700 स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र परिणामों को बेहतर बनाने और अपग्रेडेशन पर काम किया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक स्टडी भी की है, जिसमें बताया गया है कि पहले के मुकाबले छात्रों के नामांकन में इजाफा हुआ है।


मंत्रालय की ओर से सभी राज्य सरकारों को लिखा गया है कि पीएम श्री स्कूल द्वारा एक बेंचमार्क तय कर दिया गया है। इन स्कूलों की तर्ज पर विभिन्न राज्यों में दूसरे स्कूल भी तैयार किए जाएं। देश में 1.27 लाख स्कूलों को पीएम श्री स्कूलों की तरह बनाने के लक्ष्य पर राज्य सरकारों से काम करने की अपील की गई है। इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के मुताबिक learning outcomes को बेहतर किया जा सकेगा। ताकि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को प्राप्त करने में शिक्षा आधार बन सके।










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