Tuesday, 20 May 2025

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान: स्कूलों के सिलेबस में होगा आकाश और ब्रह्मोस मिसाइलों की शॉर्य गाथा, बैगलेस डे में बच्चे जानेंगे इसकी खासियत

 नई दिल्ली। चंद्रयान की तरह अब ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को घुटने के बल लाने वाली ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों के शौर्य की कहानी भी स्कूली बच्चे पढ़ेंगे।



शिक्षा मंत्रालय जल्द ही इसे सभी भारतीय भाषाओं में स्कूली बच्चों तक पहुंचाने की तैयारी में है। जिसे स्कूलों में बच्चों तक पाठ्यक्रम के अतिरिक्त गतिविधियां और भारतीय भाषाओं को सिखाने के क्रम में रोचक तरीके से पहुंचाएगी जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने दिए संकेत

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को एक कार्यक्रम में इसके संकेत दिए और कहा कि ब्रह्मोस और आकाश की ताकत हमारी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है। ऐसे में हमें शोध पर अधिक बल देना चाहिए। इसके लिए पीएम रिसर्च फंड में भी जरूरी बदलाव किए जा रहे है।
माना जा रहा है कि इस पहल से भी बच्चों में शोध के प्रति रुझान बढ़ेगा, साथ इस पहल से राष्ट्रीय जुड़ाव बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी स्कूली स्तर से ही ऐसे बीज रोपने की सिफारिश की गई है, ताकि वह आगे चलकर शोध और इनोवेशन के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकें। बच्चों को यह विषयवस्तु अतिरिक्त स्कूली गतिविधियां के साथ बगैर बस्ते वाले दिनों (बैगलेस डे) में पढ़ाई जाएगी।

मौजूदा समय में स्कूलों में साल में कम से कम 15 दिन बगैर बस्ते वाले दिन आयोजित करने के निर्देश दिए गए है। हालांकि केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय इसे हफ्ते में एक दिन रख रहे है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक चंद्रयान की सफलता की कहानी को बच्चों के बीच जिस रोचक तरीके से पहुंचाया गया था, जिसमें वह बच्चों-बच्चों की जुबान पर चढ़ गया था। ठीक उसी तर्ज पर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता की कहानी भी बच्चों की बीच पहुंचायी जाएगी।
बच्चों को यह बताया जाएगा कि कैसे इन मिसाइलों ने पाकिस्तान की मिसाइलों को न सिर्फ हवा में ही मार कर ध्वस्त कर किया था बल्कि इन मिसाइलों ने पाकिस्तान के सारे सुरक्षा तंत्र को भेदते हुए उसके भीतर घुसकर उसके हवाई अड्डों और आतंकी ठिकानों को भी नष्ट किया। इन मिसाइलों का प्रहार इतना विकराल थी कि पाकिस्तान कुछ ही घंटों में घुटने के बल आ गया और शांति की गुहार लगाने लगा।

ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल की खासियत

ब्रह्मोस मिसाइल- रफ्तार- 9878 किमी प्रति घंटा, रेंज- 400 किमी, वजन- 1290 किलोग्राम, लंबाई- 8.4 मीटर, भार ले जाने की क्षमता- 3000 किलोग्राम।आकाश मिसाइल: रफ्तार- 3087 किमी प्रति घंटा, लंबाई 5.78 मीटर, वजन- 720 किलोग्राम, रेंज- 80 किलोमीटर, भार ले जाने की क्षमता-60 किलोग्राम।

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