अल्मोड़ा: एफआईआर प्लीजेंट वैली नाम की एक एनजीओ की ओर से राजशेखर और नरेश कुमार के खिलाफ प्रधानमंत्री, गृह मंत्री समेत अन्य लोगों पर घोटालों की शिकायतें की गई है। राजस्व पुलिस ने इनपर दो वरिष्ठ अधिकारियों पर लूट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
उत्तराखण्ड से एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जिसमें देश की राजधानी दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार और उनके अधीनस्थ अफसर वाईवीवीजे राजशेखर के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की एक अदालत के आदेश पर हुई है। अल्मोड़ा के जिलाधिकारी विनीत तोमर ने बताया कि अल्मोड़ा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश पर गोविंदपुर में राजस्व पुलिस उपनिरीक्षक द्वारा दोनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस एफआईआर को ‘प्लीजेंट वैली’ एनजीओ की धारा 156 (3) के तहत दी गई शिकायत के आधार पर सीजेएम के आदेश पर दर्ज किया गया है। जिसके बाद एनजीओ ने कोर्ट की शरण ली। जिस पर कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए उसके बाद ही अल्मोड़ा की राजस्व पुलिस ने मामला दर्ज किया।
क्या था पूरा मामला ?
गैर सरकारी संगठन ने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 14 फरवरी को डाडाकाडा गांव में स्थित एक संचालित विद्यालय में चार व्यक्तियों को भेजा था। उन व्यक्तियों ने प्लीजेंट वैली फाउंडेशन के संयुक्त सचिव के कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की और अधिकारियों के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े सबूतों वाली फाइल, रिकॉर्ड, दस्तावेज और पेन ड्राइव लूट ली थी।
धमकी देकर 63 हजार रु लूट ले गए
शिकायत में बताया गया है कि ऑफिस में घुसने वाले व्यक्तियों ने कहा कि यदि एनजीओ द्वारा उन अधिकारियों के खिलाफ सतर्कता विभाग और अन्य कार्यालयों में की गई शिकायतें तत्काल वापस नहीं ली गईं तो संगठन के अधिकारियों को झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा। कार्यालय में घुसे व्यक्ति पहले से टाइप दस्तावेजों को साथ लाए थे, और उन्होंने संयुक्त सचिव के साथ उन पर दस्तखत करने के लिए जबरदस्ती की। शिकायत के अनुसार जब शिकायतकर्ता ने इसे विरोध किया तो हमलावर वहां से 63,000 रुपये लेकर चलते बने।
मुख्य सचिव पर कई धाराओं में केस दर्ज
मामले के बाद एनजीओ ने सीधे कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो कोर्ट ने 2 मार्च को शिकायत स्वीकार कर ली इसके बाद राजस्व पुलिस ने प्लीजेंट वैली फाउंडेशन के संयुक्त सचिव वीके आर्य की तहरीर के आधार पर मुख्य सचिव के खिलाफ आईपीसी की धारा 392 (चोरी), 447 (आपराधिक अतिक्रमण), 120 बी (आपराधिक साजिश), 504 (जानबूझकर अपमान और शांति भंग करने का प्रयास) और 506 (आपराधिक इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा पीपुल्स एंड ट्राइब्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
एक एफआईआर में दिल्ली के मौजूदा मुख्य सचिव नरेश कुमार और आईएएस अफसर वाईवीवीजे राजशेखर, जो फ्लैट नंबर 707, सातवीं मंजिल, डीडीए एसआईजी फ्लैट्स, मोतियाखान, दिल्ली में निवास करते हैं, और अन्यों का नामजद किया गया है। एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले को अपने दायरे में लिया है और इसकी जांच के लिए सीओ रानीखेत को सौंपी गई है।

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