देहरादून: सिविल सेवा परीक्षा में राज्य के युवाओं की भागीदारी इस साल भी अच्छी रही है। जिसमें देहरादून के दिपेश कैड़ा ने तीसरे प्रयास में सफल रहे और सिविल सेवा परीक्षा में 86वीं रैंक हासिल की है।
कुछ दिन पहले यूपीएससी ने फ़ाइनल परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। इसमें उत्तराखंड के कई युवाओं ने सफलता हांसिल करके अपने माता-पिता के साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। इसी क्रम में रानीखेत के बिंता गांव निवासी दिपेश कैड़ा तीसरे प्रयास में सफल रहे और सिविल सेवा परीक्षा में 86वीं रैंक हासिल की है। दिपेश की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है।
कॉरोनकाल में लिया यूपीएसी करने का फैसला
वर्ष 2020 में जिस प्रकार वैश्विक महामारी कोरोना ने असंख्य लोगों का जीवन बदल दिया। किसी के लिए तो यह अभिशाप बना और किसी ने इसे सकारात्मक लेकर अपने जीवन में बदलाव किए। लाकडाउन लगने के बाद दीपेश को भी वर्क फ्राम होम करना पड़ा। लेकिन भविष्य की अनिश्चितता को लेकर उनके मन में कई तरह के सवाल पैदा हुए। इस बारे में उन्होंने अपने ताऊ की बेटी नम्रता और उनके पति अतुल कुमार जो कि एक आइआरएस अधिकारी हैं इनसे बात की और फिर दीपेश को यहाँ से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरणा मिली।
अशोक लेलैंड की जॉब छोड़ दी
वर्तमान में दीपेश सिंह कैड़ा देहरादून के चमन विहार क्षेत्र में रहते हैं। इन्होने वर्ष 2015 में 85 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा पास की। उसके बाद डीआइटी विवि से बीटेक किया और फिर इनकी नौकरी अशोक लेलैंड कंपनी में लग गई। सब कुछ सही चल रहा था लेकिन अचानक से लॉकडाउन ने दस्तक दे दी और फिर इन्होने अपने जीजाजी से सुझाव लेकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
दीपेश सिंह कैड़ा को तीसरे प्रयास में सफलता हाथ लगी और उन्होंने इस परीक्षा में 86वीं रैंक हांसिल की है। उनके पिता उत्तम सिंह कैड़ा सीएजी में आडिट अफसर हैं और माताजी पुष्मा एक गृहिणी हैं। जबकि बहन दीप्ति कैड़ा एक आइटी कंपनी में नौकरी कर रही हैं। उनकी इस सफलता से पूरा परिवार खुश है और उनके सभी परिजन, क्षेत्रवासी उन्हें बधाई देने के लिए आ रहे है।

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