Friday, 4 April 2025

उत्तराखंड: गढ़वाल रायफल के जवान की रातों-रात चमक गई किस्मत, Dream11 पर जीते 3 करोड़ रूपये


कोटद्वार: Dream11 पर हर दिन लाखों लोग अपनी टीम बनाकर प्रतिदिन अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। इन्हीं में से एक पौड़ी जिले के 14 गढ़वाल रायफल के जवान विनोद सिंह रावत ने भी ड्रीम11 पर अपनी किस्मत आजमाई और रातों-रात करोड़पति बन गए हैं। उन्होंने ड्रीम11 पर 49 रुपये की टीम बनाकर 3 करोड़ रूपये जीते हैं।


जानकारी के अनुसार पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार के पदमपुर निवासी विनोद सिंह रावत ने 14 गढ़वाल रायफल में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने बीते गुरुवार को ड्रीम11 पर कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच हुए IPL मैच के लिए 49 रुपये की टीम बनाई। इस टीम ने उन्हें तीन करोड़ रुपये जिताए हैं।

वेंकटेश्वर अय्यर को चुना था कैप्टन

विनोद रावत ने गुरुवार को अपनी टीम के कप्तान के रूप में कोलकाता के वेंकटेश्वर अय्यर को चुना, जिन्होंने 60 रनों की शानदार पारी खेली। इसके अलावा, विनोद ने वाइस कैप्टन के रूप में कोलकाता नाइट राइडर्स के स्पिनर गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती को रखा, जिन्होंने हैदराबाद के तीन विकेट लिए। इस मैच में कोलकाता ने हैदराबाद को 80 रनों से बड़ी हार दी। उत्तराखंड के कई लोग dream11 पर अपनी टीम बनाकर करोड़पति बन चुके हैं। अब पौड़ी गढ़वाल के विनोद सिंह रावत भी रातों-रात करोड़पति बने हैं, जिन्होंने 49 रूपये की टीम बनाकर एक रात में 3 करोड़ रूपये जीते हैं। इस जीत के बाद उनके परिजनों में ख़ुशी का माहौल छाया हुआ है, और पूरे क्षेत्र में उनकी चर्चा चल रही है।

उत्तराखंड में PCS के 122 पदों पर होने जा रही भर्ती, इस दिन होगी परीक्षा, देखें पदों का विवरण

 


युवाओं को पीसीएस अफसर बनने का अवसर मिलने जा रहा है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस के 122 पदों के लिए आयोग जल्द विज्ञप्ति जारी करेगा।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत ने कहा है कि शासन की ओर से विभिन्न विभागों में पीसीएस के 122 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव मिल गया है। 

प्रमुख पद एवं रिक्तियाँ 

डिप्टी कलेक्टर के 03, 

डीएसपी के 07, 

वित्त अधिकारी के 10, 

सहायक निदेशक वित्त के 06, 

वित्त विभाग में उप निबंधक श्रेणी-2 के 12, 

सहायक आयुक्त राज्य कर के 13, 

राज्य कर अधिकारी के 17, 

सहायक नगर आयुक्त के 07, कार्य अधिकारी जिला पंचायत के 02, 

उप शिक्षा अधिकारी के 14, 

जिला समाज कल्याण अधिकारी के 01, 

अधीक्षक समाज कल्याण के 03, 

सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा के 04, 

सहायक गन्ना आयुक्त के 01, 

जिला परिवीक्षा अधिकारी के 01, 

सूचना अधिकारी के 03, 

संपादक के 01, 

फीचर लेखक के 01,

सहायक निदेशक कृषि के 08, 

सहायक निदेशक सांख्यिकी के 01, 

खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी के 02, 

प्रादेशीय मौन विशेषज्ञ के 02, 

सांख्यिकी अधिकारी-2 के 01, 

सहायक निदेशक रेशम के 02 पद शामिल हैं।

Thursday, 3 April 2025

Edu News 4 April 2025


 







शिक्षा जगत समाचार 4 अप्रैल 2025


 











प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में घटती छात्र संख्या पर शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत सख्त, दिए जांच के निर्देश


प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में घटती छात्र संख्या पर शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए शिक्षा महानिदेशालय स्तर पर जांच समिति गठित की जाएगी जो विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।

प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या तेजी से घट रही है। 2800 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं, जिनमें इनकी संख्या 10 या फिर इससे भी कम रह गई है। विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने इस पर चिंता जताते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि विभाग से इसकी एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जिसके आधार पर विद्यालयों में छात्रवृद्धि को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश सुनिश्चित करने, किताबों, स्कूल ड्रेस और मनमानी फीस वृद्धि को लेकर विभाग की ओर से जारी टोल फ्री नंबर पर दर्ज शिकायत का शीघ्र निस्तारण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

विद्यालयों में जरूरत के अनुसार शुरू होंगे नए विषय
शिक्षा मंत्री डाॅ.धन सिंह रावत ने कहा, राजकीय विद्यालयों में आवश्यकतानुसार नए विषय शुरु किए जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने जिलों के प्रस्ताव महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अभिभावक संघों की ओर से समय-समय पर नए विषय खोले जाने की मांग की जाती रही है। सभी सीईओ अपने जिलों के हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो विद्यालयों के उच्चीकरण एवं राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव भेजेंगे।


इसी महीने शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश
शिक्षा मंत्री ने कहा,विद्यालयों के उच्चीकरण, क्लस्टर विद्यालयों की स्थापना, डी व सी श्रेणी के स्कूलों से संबंधित प्रस्ताव इस माह तक शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जिन जिलों से प्रस्ताव समय पर प्राप्त नहीं होंगे, ऐसे जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा डॉ. रावत ने अधिकारियों को सभी विद्यालयों में पेयजल, विद्युत, फर्नीचर, कंप्यूटर और शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी स्कूलों को दी 846.87 लाख रुपए की योजनाओं की सौगात: शिक्षा मंत्री धनसिह रावत

 


हल्द्वानी। सूबे के शिक्षा मंत्री धनसिह रावत ने गुरुवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कालेज हल्दूचौड़ में विद्यालयी शिक्षा/समग्र शिक्षा के साथ ही जिला योजनान्तर्गत 846.87 लाख रुपए की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। 

जिसके तहत 660.00 लाख रुपये की लागत से पीएम श्री राजकीय इंटर कालेज हल्दूचौड़ एवं राजकीय बालिका इंटर कालेज रामनगर में 50/50 शैया युक्त नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास भवन, 80.31 लाख रुपये की लागत से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कोटाबाग में भौतिक, रसायन, एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला निर्माण, 88.56 लाख रुपए की लागत से राजकीय माडल इंटर कालेज कोटाबाग एवं राजकीय बालिका इंटर कालेज जवाहर ज्योति में अतिरिक्त कला कक्ष एवं कला व शिल्प कक्ष के निर्माण कार्यों के शिलान्यास के साथ ही जिला योजना के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय गिनती गांव कोटाबाग एवं राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय पतलिया कोटाबाग में नौ नौ लाख रुपए की लागत से बनाए गए कक्षा कक्षों का लोकार्पण किया। 

लालकुआँ विधायक डा मोहन सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में लगातार सुधारात्मक कार्य कर रही है। इसी कड़ी में सरकार प्रदेश के पर्वतीय जनपदों के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये कलस्टर विद्यालयों की स्थापना और उनमें आवासीय सुविधा मुहैया कराने का कार्य करने के साथ ही बेसहारा निर्धन ओर असहाय बच्चों को इंटर तक गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के उद्देश्य से 

तमाम विद्यालयों में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास स्थापित करने का कार्य कर रही है, ताकि इन छात्र-छात्राओं को शिक्षा के सर्वोत्तम अवसर उपलब्ध हो सके। इससे पूर्व विधायक डा मोहन सिह बिष्ट ने विधानसभा क्षेत्र की कई मांगों को उच्च शिक्षा मंत्री के समाने रखा। शिक्षा मंत्री श्री रावत ने सभी मांगों को मंजूर करने की बात कही। उनके यहां पहुंचने पर पूर्व विधायक नवीन दुमका समेत विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। 

इस अवसर पर पूर्व विधायक नवीन दुमका, मुख्य शिक्षाधिकारी गोविन्द जायसवाल, खंड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह राणा, प्रधानाचार्या जी एस सेंगर, डा हिमांशु पांडे के अलावा भाजपा मंडल अध्यक्ष रोहित दुमका, 

नवीन पपोला, दिनेश खुलवे कमलेश कबड़वाल, ललित सनवाल समेत क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

Wednesday, 2 April 2025

उत्तराखंड के 1149 प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, पलायन आयोग ने सरकार को सौंपी सर्वे रिपोर्ट


ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग ने पहली बार प्रदेश के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिए सर्वे रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी है। आयोग ने रिपोर्ट में पर्वतीय क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में लगातार घट रही बच्चों की संख्या और अध्यापकों की कमी पर चिंता जताते हुए सुधार के लिए सरकार को सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि प्रदेश के 1149 प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। चंपावत व रुद्रप्रयाग जिले के प्राथमिक स्कूलों में बच्चों व शिक्षकों की संख्या सबसे कम है।

पलायन आयोग की 204 पेज की सर्वे रिपोर्ट में पर्वतीय क्षेत्राें के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में स्कूली बच्चों व अध्यापकों की संख्या के अंतर का खुलासा किया है। प्रदेश में 12065 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 50 प्रतिशत स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की घट रही संख्या का मुख्य कारण अध्यापकों की तैनाती न होना है।

प्राथमिक से माध्यमिक स्तर के 263 विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाने के लिए अध्यापक नहीं है। इसमें 1 से 5 और 6 से 8 तक की कक्षाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर के 180 विद्यालय ऐसे हैं, जहां 242 शिक्षक मात्र एक-एक छात्र को पढ़ा रहे हैं। ऐसे स्कूलों की संख्या पौड़ी, अल्मोड़ा व टिहरी जिला में अधिक है।

3504 विद्यालयों में एकल अध्यापक की तैनाती
प्रदेश में 3504 विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाने के लिए एक अध्यापक तैनात है। इसमें पिथौरागढ़, पौड़ी, चमोली जिले में सबसे अधिक स्कूल हैं। इसके अलावा प्राथमिक से माध्यमिक स्तर की 8324 कक्षाओं में एकल छात्र संख्या है।

आयोग ने ये दिए सुझाव
पलायन आयोग ने सरकार को सुझाव दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय अतिरिक्त छूट दी जाए। शिक्षकों की उपलब्धता के लिए शिक्षा विभाग में अलग से स्थानांतरण नीति बनाई जाए। शिक्षकों को विद्यालय से 8 से 10 किमी. रहने की अनिवार्यता, ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को विशेष प्रोत्साहन के तौर पर 25 प्रतिशत वेतन वृद्धि व अन्य सुविधा दी जाए।

नए शिक्षकों को प्रशिक्षण की अनिवार्यता, शिक्षकों को विद्यालय के समीप आवास की सुविधा, गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त रखना, स्कूलों में प्रयोगशाला, शौचालय, खेल मैदान, चारदीवारी की सुविधा समेत कई सुझाव दिए हैं।

आयोग ने प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों की सर्वे रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी है। आयोग ने पर्वतीय क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों में तत्काल सुधार करने का सुझाव दिया है। 1 से 5 कक्षा तक बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है, जो चिंता का विषय है। 
-एसएस नेगी, उपाध्यक्ष पलायन आयोग

शिक्षा जगत समाचार 3 अप्रैल 2025


 










बस अब यही होना बाकी था ??


 

देहरादून: फर्जी डिग्री से पाई थी नौकरी, एक ही स्कूल के प्रधानाचार्य सहित 4 शिक्षक बर्खास्त


देहरादून: शिक्षा विभाग ने हर्रावाला के सावित्री शिक्षा निकेतन जूनियर हाईस्कूल के चार शिक्षकों को बर्खास्त किया है। इन शिक्षकों की नियुक्ति अवैध प्रमाणपत्रों के आधार पर हुई थी। इस विद्यालय में कक्षा 10 तक की पढ़ाई होती है, जबकि कक्षा छह से आठ तक के लिए ही विद्यालय वित्तीय सहायता मिलती है।

4 teachers including school principal suspended

जानकारी के अनुसार बर्खास्त किए जाने वाले शिक्षकों में प्रधानाध्यापक अजय सिंह, सहायक अध्यापक कौशलेंद्र, नीलम व सुनीता शामिल हैं। अजय सिंह और नीलम 1995 से, कौशलेंद्र 2002 से, और सुनीता 2005 से इस विद्यालय में कार्यरत थे। एसआईटी को 2017 में शिक्षकों के सर्टिफिकेट को लेकर पहली शिकायत मिली, लेकिन स्कूल समिति ने इन शिक्षकों पर कोई एक्शन नहीं लिया। इसलिए शिक्षा विभाग ने गढ़वाल के अपर निदेशक को प्रशासक बनाया, और शिक्षकों के खिलाफ जांच शुरू की गई जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बाद उन्हें खंड शिक्षाधिकारी रायपुर कार्यालय से अटैच किया गया। अजय, सुनीता और नीलम ने हाईकोर्ट से स्टे आर्डर लिया, इससे वे निलंबन के बाद वापस स्कूल आ गए। फिर भी, चारों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच चलती रही।

तीन शिक्षकों की B.ED निकली फर्जी

विभागीय जांच में अजय सिंह, नीलम और सुनीता की बीएड डिग्री अवैध मिली और कौशलेंद्र की नियुक्ति बीपीएड डिग्री पर हुई थी। विभाग के अनुसार, जूनियर शिक्षक के लिए बीएड या बीटीसी जरूरी है, बीपीएड डिग्री से जूनियर में नियुक्ति नहीं हो सकती। जिला शिक्षा अधिकारी पीएल भारती ने जांच रिपोर्ट को सही माना। इसके बाद डोईवाला खंड शिक्षा अधिकारी ने चारों शिक्षकों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया।

नजदीकी स्कूलों के शिक्षकों को मिली नियुक्ति

जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक पीएल भारती ने जानकारी दी है कि गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर हुई नियुक्ति के कारण उन शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया है। उस विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक लगभग 60 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, इसीलिए दो नजदीकी स्कूलों से एक-एक शिक्षक को उस विद्यालय में तैनात किया गया है। यह व्यवस्था अस्थायी रूप से की गई है।