Wednesday, 2 April 2025

उत्तराखंड के 1149 प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, पलायन आयोग ने सरकार को सौंपी सर्वे रिपोर्ट


ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग ने पहली बार प्रदेश के प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिए सर्वे रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी है। आयोग ने रिपोर्ट में पर्वतीय क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में लगातार घट रही बच्चों की संख्या और अध्यापकों की कमी पर चिंता जताते हुए सुधार के लिए सरकार को सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि प्रदेश के 1149 प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। चंपावत व रुद्रप्रयाग जिले के प्राथमिक स्कूलों में बच्चों व शिक्षकों की संख्या सबसे कम है।

पलायन आयोग की 204 पेज की सर्वे रिपोर्ट में पर्वतीय क्षेत्राें के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में स्कूली बच्चों व अध्यापकों की संख्या के अंतर का खुलासा किया है। प्रदेश में 12065 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 50 प्रतिशत स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की घट रही संख्या का मुख्य कारण अध्यापकों की तैनाती न होना है।

प्राथमिक से माध्यमिक स्तर के 263 विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाने के लिए अध्यापक नहीं है। इसमें 1 से 5 और 6 से 8 तक की कक्षाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर के 180 विद्यालय ऐसे हैं, जहां 242 शिक्षक मात्र एक-एक छात्र को पढ़ा रहे हैं। ऐसे स्कूलों की संख्या पौड़ी, अल्मोड़ा व टिहरी जिला में अधिक है।

3504 विद्यालयों में एकल अध्यापक की तैनाती
प्रदेश में 3504 विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाने के लिए एक अध्यापक तैनात है। इसमें पिथौरागढ़, पौड़ी, चमोली जिले में सबसे अधिक स्कूल हैं। इसके अलावा प्राथमिक से माध्यमिक स्तर की 8324 कक्षाओं में एकल छात्र संख्या है।

आयोग ने ये दिए सुझाव
पलायन आयोग ने सरकार को सुझाव दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय अतिरिक्त छूट दी जाए। शिक्षकों की उपलब्धता के लिए शिक्षा विभाग में अलग से स्थानांतरण नीति बनाई जाए। शिक्षकों को विद्यालय से 8 से 10 किमी. रहने की अनिवार्यता, ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों को विशेष प्रोत्साहन के तौर पर 25 प्रतिशत वेतन वृद्धि व अन्य सुविधा दी जाए।

नए शिक्षकों को प्रशिक्षण की अनिवार्यता, शिक्षकों को विद्यालय के समीप आवास की सुविधा, गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त रखना, स्कूलों में प्रयोगशाला, शौचालय, खेल मैदान, चारदीवारी की सुविधा समेत कई सुझाव दिए हैं।

आयोग ने प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों की सर्वे रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी है। आयोग ने पर्वतीय क्षेत्रों में प्राथमिक विद्यालयों में तत्काल सुधार करने का सुझाव दिया है। 1 से 5 कक्षा तक बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है, जो चिंता का विषय है। 
-एसएस नेगी, उपाध्यक्ष पलायन आयोग

शिक्षा जगत समाचार 3 अप्रैल 2025


 










बस अब यही होना बाकी था ??


 

देहरादून: फर्जी डिग्री से पाई थी नौकरी, एक ही स्कूल के प्रधानाचार्य सहित 4 शिक्षक बर्खास्त


देहरादून: शिक्षा विभाग ने हर्रावाला के सावित्री शिक्षा निकेतन जूनियर हाईस्कूल के चार शिक्षकों को बर्खास्त किया है। इन शिक्षकों की नियुक्ति अवैध प्रमाणपत्रों के आधार पर हुई थी। इस विद्यालय में कक्षा 10 तक की पढ़ाई होती है, जबकि कक्षा छह से आठ तक के लिए ही विद्यालय वित्तीय सहायता मिलती है।

4 teachers including school principal suspended

जानकारी के अनुसार बर्खास्त किए जाने वाले शिक्षकों में प्रधानाध्यापक अजय सिंह, सहायक अध्यापक कौशलेंद्र, नीलम व सुनीता शामिल हैं। अजय सिंह और नीलम 1995 से, कौशलेंद्र 2002 से, और सुनीता 2005 से इस विद्यालय में कार्यरत थे। एसआईटी को 2017 में शिक्षकों के सर्टिफिकेट को लेकर पहली शिकायत मिली, लेकिन स्कूल समिति ने इन शिक्षकों पर कोई एक्शन नहीं लिया। इसलिए शिक्षा विभाग ने गढ़वाल के अपर निदेशक को प्रशासक बनाया, और शिक्षकों के खिलाफ जांच शुरू की गई जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बाद उन्हें खंड शिक्षाधिकारी रायपुर कार्यालय से अटैच किया गया। अजय, सुनीता और नीलम ने हाईकोर्ट से स्टे आर्डर लिया, इससे वे निलंबन के बाद वापस स्कूल आ गए। फिर भी, चारों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच चलती रही।

तीन शिक्षकों की B.ED निकली फर्जी

विभागीय जांच में अजय सिंह, नीलम और सुनीता की बीएड डिग्री अवैध मिली और कौशलेंद्र की नियुक्ति बीपीएड डिग्री पर हुई थी। विभाग के अनुसार, जूनियर शिक्षक के लिए बीएड या बीटीसी जरूरी है, बीपीएड डिग्री से जूनियर में नियुक्ति नहीं हो सकती। जिला शिक्षा अधिकारी पीएल भारती ने जांच रिपोर्ट को सही माना। इसके बाद डोईवाला खंड शिक्षा अधिकारी ने चारों शिक्षकों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया।

नजदीकी स्कूलों के शिक्षकों को मिली नियुक्ति

जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक पीएल भारती ने जानकारी दी है कि गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर हुई नियुक्ति के कारण उन शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया है। उस विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक लगभग 60 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, इसीलिए दो नजदीकी स्कूलों से एक-एक शिक्षक को उस विद्यालय में तैनात किया गया है। यह व्यवस्था अस्थायी रूप से की गई है।

Tuesday, 1 April 2025

Edu News 2 April 2025


 





शिक्षा जगत समाचार 2 अप्रैल 2025


 









Uttarakhand: सीएम धामी ने भाजपा के 20 नेताओं को सौंपे दायित्व, पहली सूची जारी, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी

 


प्रदेश सरकार ने दायित्वों की पहली सूची जारी कर दी है। भाजपा के 20 पदाधिकारियों को विभिन्न परिषद, आयोग व समितियों में दायित्व दिया गया है। लंबे समय से दायित्वों को लेकर सरकार पर दबाव था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दायित्व देकर दवाब कम किया है।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने चमोली जिले से हरक सिंह नेगी को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद व रुद्रप्रयाग जिले से ऐश्वर्या रावत को उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग दायित्व सौंपा है। इसके अलावा अल्मोड़ा से गंगा बिष्ट को उपाध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद, देहरादून जिले से श्याम अग्रवाल को उपाध्यक्ष उत्तराखंड आवास सलाहकार परिषद, नैनीताल से शांति मेहरा को उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद, भगवत प्रसाद मकवाना को उपाध्यक्ष उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग, पिथौरागढ़ से हेमराज बिष्ट को उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद, चमोली से रामचंद्र गौड़ को अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद बनाया गया है।

अल्मोड़ा से पूरन चंद नैलवाल को उपाध्यक्ष प्रवासी उत्तराखंड परिषद, उत्तरकाशी से राम सुंदर नौटियाल को उपाध्यक्ष भागीरथी नदी घाटी प्राधिकरण, ऊधमसिंह नगर से सायरा बानो को उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य महिला आयोग, नैनीताल से रेनू अधिकारी को अध्यक्ष राज्य महिला उद्यमिता परिषद की जिम्मेदारी दी गई है। देहरादून से रजनी रावत को उपाध्यक्ष समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, हरिद्वार से ओम प्रकाश जमदग्नि को उपाध्यक्ष उत्तराखंड पारिस्थितिकीय पर्यटन सलाहकार परिषद, बागेश्वर से भूपेश उपाध्याय को उपाध्यक्ष उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद, देहरादून से कुलदीप कुमार को अध्यक्ष उत्तराखंड वन पंचायत सलाहकार परिषद, पौड़ी से ऋषि कंडवाल को उपाध्यक्ष सिंचाई सलाहकार समिति, वीरेंद्र दत्त सेमवाल को उपाध्यक्ष उत्तराखंड हतकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, अजय कोठियाल को अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार समिति, नैनीताल से श्याम नारायण पांडे को उपाध्यक्ष उत्तराखंड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का दायित्व सौंपा गया है।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड: डॉक्टर मुकुल कुमार सती द्वारा नवीन शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए संदेश


 

Monday, 31 March 2025

Uttarakhand: मियांवाला हुआ रामजीवाला, औरंगजेबपुर बना शिवाजी नगर, सीएम की घोषणा के बाद 15 जगहों के नाम बदले


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य में 15 जगहों के नाम बदलने की घोषणा की। सरकार का कहना है कि यह निर्णय स्थानीय लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखकर लिया गया है। जिससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकें।

हरिद्वार

भगवानपुर ब्लॉक के औरंगजेबपुर का नाम बदलकर शिवाजी नगर, बहादराबाद ब्लॉक के गाजीवाली का नाम आर्य नगर, चांदपुर का नाम ज्योतिबाफुले नगर, नारसन ब्लॉक के मोहम्मदपुर जट का नाम मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का नाम आंबेडकर नगर, खानपुर ब्लॉक के इदरीशपुर का नाम नंदपुर, खानपुर का नाम कृष्णपुर और अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर किया गया है।

देहरादून

देहरादून नगर निगम के मियांवाला का नाम रामजीवाला, विकासनगर ब्लॉक का पीरवाला का नाम केसरी नगर, चांदपुर खुर्द का नाम पृथ्वीराज नगर, सहसपुर ब्लॉक के अब्दुल्लापुर का नाम दक्षनगर किया गया है।

नैनीताल

नवाबी रोड का नाम अटल मार्ग किया गया है। पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोवलकर मार्ग हुआ है।

उधम सिंह नगर

यहां नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम कौशल्या पूरी किया गया है।

शिक्षा जगत समाचार 1 अप्रैल 2025