भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा नोटिफिकेशन के अनुसार, उत्तराखंड के स्नो-बाउंड (बर्फबारी प्रभावित और दुर्गम पहाड़ी) इलाकों सहित लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के विशेष क्षेत्रों के लिए यह शेड्यूल तय किया गया है।
इस जनगणना कार्यक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026: नागरिकों के लिए ऑनलाइन स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प खुला रहेगा, जहाँ लोग खुद अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।
- 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026: प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर जनसंख्या की भौतिक गणना करेंगे।
- 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026: छूटे हुए लोगों या सुधार के लिए रिवीजनल राउंड (डेटा वेरिफिकेशन) चलाया जाएगा।
- संदर्भ तिथि (Reference Date): इन पर्वतीय क्षेत्रों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) निर्धारित की गई है। [
📋 इस जनगणना की खास बातें
- लक्षित क्षेत्र: उत्तराखंड के अंतर्गत आने वाले लगभग 131 सीमांत गाँव और 3 शहरी पहाड़ी क्षेत्र इसमें शामिल किए गए हैं, जहाँ सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण समय से पहले गणना की जा रही है।
- डिजिटल माध्यम: यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसे मोबाइल ऐप्स और विशेष पोर्टल्स के जरिए संपन्न किया जा रहा है।
- जातिगत डेटा: इस बार जनगणना के इस दूसरे चरण (Population Enumeration) में एससी (SC) और एसटी (ST) के अलावा अन्य जातियों की जानकारी भी पहली बार दर्ज की जा रही है।

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