Saturday, 18 July 2026

उत्तराखंड: स्कूल जाते समय प्रधानाचार्य की चाकू मारकर हत्या, रास्ते में घात लगाए बैठा था विद्यालय का बाबू


बागेश्वर: उत्तराखंड में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राजकीय इंटर कॉलेज भटकोला के प्रधानाचार्य की शनिवार सुबह स्कूल जाते समय चाकू मारकर हत्या कर दी गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह विद्यालय का ही एक बाबू पहले से रास्ते में चाकू लेकर घात लगाए बैठा था। जैसे ही प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा (55 वर्ष) वहां पहुंचे, उसने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा को परिजन और स्थानीय लोग तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। 

बागेश्वर, 18 जुलाई 2026। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा की दिनदहाड़े हुई हत्या के सनसनीखेज मामले का बागेश्वर पुलिस ने महज आठ घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। झिरौली थाना पुलिस ने नामजद आरोपी नवल किशोर सोराड़ी को हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विद्यालय में वरिष्ठ सहायक (क्लर्क) के पद पर तैनात था। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 55 वर्षीय प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा रोज की तरह विद्यालय के लिए निकले थे। वाहन से मुख्य सड़क तक पहुंचने के बाद वह पैदल स्कूल की ओर जा रहे थे। विद्यालय से लगभग 150 मीटर पहले रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपी ने उन पर अचानक चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रधानाचार्य को स्थानीय लोगों ने तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले कई महीनों से वेतन जारी नहीं होने को लेकर नाराज था। खंड शिक्षा अधिकारी आशाराम के अनुसार, घटना से एक दिन पहले आरोपी ने फोन कर वेतन भुगतान की मांग की थी और भुगतान नहीं होने पर कार्यालय पहुंचकर मारपीट करने की धमकी भी दी थी। पुलिस अब इस कथित धमकी और अगले दिन हुई हत्या के बीच संबंधों की गहन जांच कर रही है।


शिक्षा विभाग की प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया है कि करीब चार माह पहले विभागीय कार्यों में लापरवाही और कथित अभद्र व्यवहार के आरोपों के चलते आरोपी का वेतन रोक दिया गया था। इसके बाद से वह विभागीय अधिकारियों और विद्यालय प्रशासन से नाराज चल रहा था। हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।


वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। झिरौली थाना पुलिस ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक कपकोट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करालागांव यात्री शेड, बागेश्वर रोड से आरोपी नवल किशोर सोराड़ी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया। मृतक के भाई एवं जीआईसी भटखोला में शिक्षक गोकुल चंद्र की तहरीर पर थाना झिरौली में एफआईआर संख्या 10/2026 दर्ज की गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए अल्मोड़ा की फॉरेंसिक टीम और बागेश्वर फॉरेंसिक यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।


पुलिस के अनुसार आरोपी नवल किशोर सोराड़ी मूल रूप से चम्पावत जिले के पाटी क्षेत्र का निवासी है। उसका करीब दो वर्ष पूर्व जीआईसी भटखोला में स्थानांतरण हुआ था, जहां वह वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत था।

वहीं, दिवंगत प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा वर्ष 2005 से जीआईसी भटखोला में सेवाएं दे रहे थे। करीब तीन वर्ष पूर्व उन्हें विद्यालय का प्रभारी प्रधानाचार्य बनाया गया था। उनका मूल निवास बेहरगांव था और वर्तमान में वह परिवार के साथ सेज तहसील क्षेत्र में रह रहे थे। उनकी पत्नी अनीता एक जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका हैं। परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं, जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस हत्याकांड से पूरे क्षेत्र और शिक्षा जगत में शोक की लहर है।

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