Thursday, 22 May 2025

जीजीआईसी की प्रिंसिपल के विरोध में उतरी शिक्षिकाएं ,मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना


राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, रानीपोखरी
एक बार फिर से प्रिंसिपल को लेकर चर्चा में है। मौजूदा प्रिंसिपल पर शिक्षिकाओं ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रिंसिपल से मुक्ति दिलाने की मांग को लेकर शिक्षिक्षाओं ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया।

गुरूवार को स्कूल की दर्जन भर से अधिक शिक्षिकाएं राजकीय शिक्षक संघ की ब्लॉक इकाई के नेतृत्व में सामूहिक अवकाश लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां शिक्षिकाओं ने सीईओ ऑफिस को ज्ञापन सौंपा और अनुरोध किया कि स्कूल को प्रिंसिपल आरती चिटकारिया से मुक्ति दिलाएं। इस दौरान शिक्षिकाओं ने प्रिंसिपल के उत्पीड़न की जो-जो बातें बयां की वो हैरान करने वाली थी। राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष/मंत्री को भेजे ज्ञापन में शिक्षिकाओं ने उत्पीड़न के एक-एक मामले का जिक्र किया है। अनुरोध किया है कि उन्हें प्रिंसिपल के उत्पीड़न से मुक्ति दिलाएं।


सीईओ ऑफिस में आयोजित धरने में राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने भी प्रतिभाग किया। उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षक/शिक्षिकाओं का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीजीआईसी रानीपोखरी की प्रिंसिपल को लेकर शिक्षिकाएं लगातार अपनी पीड़ा को अधिकारियों के सम्मुख रख रही है। इस पर गौर न किया जाना चिंता की बात है।

इस मौके पर राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, अर्जुन सिंह पंवार, ब्लॉक अध्यक्ष संजय नैथानी, प्रणव बहुगुणा, राजेश गैरोला, कालसी के ब्लॉक अध्यक्ष अनिल राणा, किशनदत्त सिमल्टी, हेमंत कठैत, सरोजनी रावत, श्रीमती बबीता, शिखा उनियाल, श्रृति कंडारी, शशि सकलानी, अमिता असवाल, सुनीता पुरोहित, शुभ्रा रयाल, श्रीमती ममता, श्रीमती ममता धीमान, श्रीमती दीपमाला बिष्ट आदि मौजूद रहे।

प्रिंसिपल ने सभी आरोपों को नकारा
जीजीआईसी की प्रिंसिपल आरती चिटकारिया ने शिक्षिकाओं के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। कहा कि विभाग के समक्ष अपना पक्ष रख चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज चार शिक्षिकाएं अवकाश पर है। वरिष्ठ शिक्षिका स्कूल में है। सिर्फ 11 शिक्षिकाएं ही सामूहिक अवकाश पर हैं।

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