12वीं के बाद अब स्टूडेंट्स के पास करियर बनाने के लिए कई इनोवेटिव और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन ऑप्शन्स आ चुके हैं। ये कोर्स सिर्फ नाम में नए नहीं हैं, बल्कि स्किल्स और कमाई के मामले में भी सबसे आगे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ब्लॉकचेन जैसे फील्ड्स अब तेजी से करियर का हॉट चॉइस बन रहे हैं।
पिछले कुछ सालों में इंडियन एजुकेशन सिस्टम में टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से जबरदस्त बदलाव हुए हैं। अब वो जमाना नहीं रहा जब 12वीं के बाद सिर्फ इंजीनियरिंग या मेडिकल ही विकल्प होते थे। आज स्टूडेंट्स के पास AI, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे करियर विकल्प मौजूद हैं। ये कोर्स ग्लोबल लेवल पर भी वैल्यू रखते हैं और स्टूडेंट्स को मल्टीनेशनल कंपनियों में मौके मिल रहे हैं। इन कोर्सेस की खास बात ये है कि इनमें प्रैक्टिकल लर्निंग और प्रोजेक्ट बेस्ड स्टडी पर जोर दिया जाता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस आज सबसे ज्यादा डिमांड वाले प्रोफेशनल फील्ड्स में से हैं। AI में न्यूरल नेटवर्क, डीप लर्निंग, NLP जैसे एडवांस टॉपिक सिखाए जाते हैं, जो ऑटोमेशन और स्मार्ट सॉल्यूशन की दुनिया से जुड़े हैं। वहीं, डेटा साइंस में पायथन, R, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन, मशीन लर्निंग जैसे टूल्स की ट्रेनिंग दी जाती है। ये कोर्सेज आज कई बड़े इंस्टीट्यूट्स जैसे IIT, IIIT, दिल्ली यूनिवर्सिटी और BITS पिलानी में उपलब्ध हैं। भारत में अब इन कोर्स को UG और PG दोनों लेवल पर किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वक्त में हर सेक्टर को AI और डेटा एनालिटिक्स की जरूरत होगी।
साइबर सिक्योरिटी से लेकर ब्लॉकचेन तक
डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर सिक्योरिटी एक बड़ी जरूरत बन चुकी है। लगातार बढ़ रहे साइबर फ्रॉड और डेटा चोरी के मामलों को देखते हुए यूनिवर्सिटीज अब साइबर सिक्योरिटी और एथिकल हैकिंग जैसे कोर्स शुरू कर चुकी हैं। इसमें सिस्टम सिक्योरिटी, नेटवर्क प्रोटेक्शन, क्रिप्टोग्राफी जैसी चीजें पढ़ाई जाती हैं। इसके साथ ही, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी ने भी तेजी से पहचान बनाई है। IIT खड़गपुर, IIIT बेंगलुरु जैसे संस्थानों ने इसमें सर्टिफिकेट और डिग्री प्रोग्राम शुरू किए हैं। क्रिप्टोकरेंसी, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स और डिजिटल फाइनेंस अब सिर्फ buzzword नहीं, बल्कि करियर का मजबूत जरिया बन चुके हैं।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्रीन टेक्नोलॉजी में करियर
अब करियर सिर्फ पैसा कमाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण के लिए काम करने वाले प्रोफेशनल्स की भी भारी डिमांड है। यूनिवर्सिटीज अब ऐसे कोर्स ऑफर कर रही हैं जिनमें क्लाइमेट चेंज, रिन्यूएबल एनर्जी, कार्बन एमिशन कंट्रोल और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। TERI School, JNU और IIT Madras जैसे संस्थान ग्रीन टेक्नोलॉजी को लेकर खास M.Tech और MA प्रोग्राम चला रहे हैं। इस फील्ड में न सिर्फ सरकारी बल्कि इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन जैसे UN और वर्ल्ड बैंक तक में जॉब्स के मौके हैं।
नई दिल्ली (Career Options After 12th). कई स्टूडेंट्स 12वीं के बाद 5-7 साल पढ़ाई करके बैचलर्स और मास्टर्स की डिग्री लेते हैं. कुछ पीएचडी भी करते हैं. वहीं, कुछ ऐसे भी हैं जो 12वीं के बाद नौकरी की तैयारी करने लग जाते हैं. 12वीं के बाद नौकरी करने से पहले कोई स्किल बेस्ड (Skill Based Courses) या जॉब ओरिएंटेड कोर्स (Job Oriented Courses) करना बेहतर रहेगा. इससे नौकरी मिलने के चांस बढ़ जाते हैं और भविष्य के लिए भी सिक्योरिटी बनी रहती है.
12वीं के बाद अपनी योग्यता, क्षमता और बजट के आधार पर किसी सर्टिफिकेट या डिग्री कोर्स में एडमिशन लिया जा सकता है. ऐसे कई डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स हैं, जिनमें एडमिशन लेने के लिए सिर्फ 12वीं पास होना जरूरी है. इन कोर्सेस की फीस कम होती है और एडमिशन भी आसानी से मिल जाता है (Cheapest Courses). जानिए 12वीं के बाद किन कोर्सेस की पढ़ाई करके आप जल्द से जल्द नौकरी हासिल कर सकते हैं.

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