Monday, 7 August 2023

TEACHER'S PROMOTION: शिक्षकों के प्रमोशन की हद तय और आगे का रास्ता बंद...



देहरादून। राज्य में एलटी/ प्रवक्ता शिक्षकों की प्रमोशन की हद तय है और हद तक पहुंचने का रास्ता एक तरह से बंद है। इससे शिक्षक एक ही पद पर जड़ हो रहे हैं। इसके असर कहां पड़ रहा होगा समझा जा सकता है। राज्य में एलटी/प्रवक्ता पद से सेवा शुरू करने वाले शिक्षक को दो प्रमोशन मिल सकते हैं। पहला प्रमोशन हाई स्कूल का हेडमास्टर और दूसरा इंटर कॉलेज का प्रिंसिपल पद। यानि शिक्षकों के प्रमोशन की हद तय है। इस हद तक पहुंचना शिक्षकों के लिए मुश्किल हो रहा है। कारण हद तक पहुंचने का मार्ग विभिन्न वजहों से बंद है। हालात ये हैं कि एलटी शिक्षकों का कथित प्रमोशन ( एलटी से प्रवक्ता) के भी लाले पड़ गए हैं। वास्तव में ये विषयगत लाभ है। मन बहलाने के लिए ये भी प्रमोशन का रूतबा पा गया है।


आखिर शिक्षकों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की गलतियों की सजा आज शिक्षकों को मिल रही है। दरअसल, शिक्षकों की वरिष्ठता का विवाद विभाग जन्य है। स्पष्ट व्यवस्था के बाद भी विभाग दो टूक निर्णय लेने से कतरा रहा है। शासन भी इसकी गेंद सुनी सुनाई बातों के आधार पर शिक्षकों के पाले में डाल रहा है। इसके अलावा तमाम मौकों पर शिक्षक राजनीति मौन साध जाती है। कैडर के घालमेल में शिक्षक छोटे हितों में फंस जाते हैं। प्राथमिक शिक्षक से लेकर इंटर कॉलेज के प्रवक्ता तक हर कोई भुगत रहा है। शासन ने प्रमोशन के नाम पर बेसिक/जूनियर शिक्षकों की दिशा मोड़ दी। उन्हें एलटी का झुनझूना पकड़ा दिया है। उनके अनुभव की प्रकृति के पद डिप्टी ईओ उनसे दूर हो गया। इसी प्रकार एलटी/प्रवक्ता भी भुगत रहे हैं।


हालात ये हैं कि राज्य में शासन की मंशा के मुताबिक प्रत्येक विभाग के अधिकारी कर्मचारी प्रमोशन में शिथिलता का लाभ उठा रहे हैं और शिक्षक सिर्फ टपरा रहे हैं।

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